वीपीएन क्या है? -VPN Full Form in Hindi

VPN Full Form – वीपीएन क्या है? नमस्कार दोस्तों, आज के इस blog पोस्ट में आपको VPN full form in hindi के बारे में जानकारी देने वाले है, यदि आप इन सवालों का जवाब हिंदी में जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट में VPN से जुड़ी पूरी जानकारी शेयर की गई है। सभी सवालों का जवाब जानने इस से जुड़ी अन्य जानकारी प्राप्त करने और वीपीएन के लक्षण, वीपीएन कैसे काम करते हैं?,वीपीएन के प्रोटोकॉल, VPN types, Working Principle of VPN और क्यों इसे use किया जाता है पर भी एक नजर डालेंगे पूरी जानकारी के लिए पोस्ट को अंत तक पढ़े:

VPN Full Form in Hindi 

VPN का Full Form “Virtual Private Network” होता है। इसे हिंदी भाषा के उच्चारण में “वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क” कहते है।

वीपीएन क्या है?

वीपीएन मुख्य रूप से आपके कनेक्शन को एन्क्रिप्ट करता है और यह एक प्रकार के एन्क्रिप्टेड और सुरक्षित नेटवर्क से मेल खाता है जो आपको नेटवर्क संसाधनों का सुरक्षित रूप से उपयोग करने में सक्षम बनाता है। यह विभिन्न टनलिंग प्रोटोकॉल का उपयोग करता है और उपयोगकर्ता के IP ( internet protocol) address को छिपा देता है। वीपीएन का उपयोग geo-blocks का bypass करने में और सुरक्षा उद्देश्यों के लिए किया जाता है। यह एक सुरक्षित और निजी साधन है फाइल शेयरिंग, संचार और दूर से किसी हैक के जोखिम के बिना डेटा तक पहुचाने का। यह एक तरह से उपयोगकर्ता और इंटरनेट कनेक्शन के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है। यह उपयोगकर्ता के आईपी पते (IP address) को छुपाता है।

इसका उपयोग सिस्टम संसाधनों को use करने के लिए सरकार, कंपनियों और सेना द्वारा नेटवर्क का सुरक्षित रूप से उपयोग किया जाता है। आप अपनी security के लिए इंटरनेट को use करने के लिए वीपीएन का उपयोग करके एक सुरक्षित लिंक स्थापित कर सकते हैं। VPN का उपयोग करना बहुत ही आसान है, यह एक प्रकार से सुरक्षित लिंक बनाने के लिए encryption facility configuration का उपयोग करता है। इसे आप एक आदर्श एन्क्रिप्शन डिवाइस कह सकते है; यह आपको 8192-bit key के साथ एक अच्छा AES256 एन्क्रिप्शन देता है।

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VPN के प्रकार

क्लाइंट-आधारित वीपीएन (Client-based VPN) : यह वीपीएन एक वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क है जो सिंगल यूजर और रिमोट नेटवर्क के बीच बनाया जाता है। अक्सर वीपीएन कनेक्शन बनाने के लिए एक एप्लिकेशन शामिल होता है। इन्टरनेट पर बहुत से एप्लीकेशन available है।
नेटवर्क-आधारित वीपीएन (Network-based VPN) : यह वीपीएन वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क हैं जो एक untrusted network में दो नेटवर्क को एक साथ सुरक्षित रूप से जोड़ते हैं।

वीपीएन कैसे काम करते हैं?

VPN एक stable tunnel बनाकर काम करता है इसके लिए यह एक शक्तिशाली वीपीएन प्रोटोकॉल का उपयोग करता है। यह अपने स्वयं के आईपी पते के पीछे, यह उपयोगकर्ता के आईपी पते (IP address) को छुपाता है। इसके use करने से users की जानकारी एक safe tunnel से गुजरती है जो आपको नेटवर्क संसाधनों का खुले तौर पर और सुरक्षित रूप से उपयोग करने में सक्षम बनाती है।

Working Principle of VPN

जब भी आप एक VPN provider के साथ साइन अप करते हैं, तो आप इंटरनेट से कनेक्ट होने से पहले आप vpn service पर लॉग इन करते हैं। जब आप एक बार कनेक्ट हो जाते हैं, तो दूसरे लोग आपकी गतिविधि को नहीं देख पाएंगे। जिस भी VPN provider का आप VPN use कर रहे है वह पहले आपके डेटा को एन्क्रिप्ट करेगा, इसे स्क्रैच करेगा ताकि हैकर्स, सरकारी एजेंसियां, और कोई अन्य इसे न देख सकें। यह आपको कुछ महत्वपूर्ण चीज जैसे की, आप कौन सी वेबसाइट देखते हैं, आपके द्वारा भेजे गए संदेश, आपके द्वारा उपयोग की जाने वाली सोशल मीडिया साइट्स या आपके द्वारा डाउनलोड की जाने वाली फ़ाइलें को अन्य को देखने से बचाता है।

VPN के प्रोटोकॉल

नेटवर्क को स्थिर बनाने के लिए, कई अलग-अलग प्रकार के VPN Protocol का use किया जाता है। ऐसे ही कुछ प्रोटोकॉल नीचे बताये गए हैं

  • IPsec ( आईपी सुरक्षा – IP security)
  • OpenVPN
  • L2TP (Layer 2 Tunnel Protocol)
  • PPTP (Point to Point Tunneling Protocol )
  • SSTP (Secure Socket Tunneling Protocol)

Conclusion:

इस post के लिखने का हमारा एक ही उद्देश्य था की, आप लोगों को VPN और इससे जुड़ी सारी महत्वपूर्ण जानकारी हमारे इस article से मिले। हम उम्मीद करते है की आपको इस article को पढ़ कर के सही से चीजों की जानकारी मिली होगी। आप इस आर्टिकल को अपने दोस्तों और अन्य लोगों में भी शेयर कर सकते है, ताकि इसके बारे में सभी को जानकारी मिल पाए।

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